युगों युगों से होता आया नारी का अपमान। युगों युगों से होता आया नारी का अपमान।
दरबदर भटक रहा है अपने देश का भविष्य लाखो जिल्लतें सह रहा है। दरबदर भटक रहा है अपने देश का भविष्य लाखो जिल्लतें सह रहा है।